संख्याएँ और संक्रियाएँविश्लेषण और कलन
श्रीनिवास रामानुजन
1887 – 1920 · भारत
अनोखे सूत्र उड़ेलने वाले स्वयं-शिक्षित भारतीय प्रतिभा
श्रीनिवास रामानुजन एक भारतीय गणितज्ञ थे, जिन्होंने लगभग पूरी तरह स्वयं सीखते हुए केवल अंतर्ज्ञान के बल पर हज़ारों सूत्र खोज निकाले। इंग्लैंड में जी. एच. हार्डी को लिखे एक ही पत्र ने उन्हें कैंब्रिज तक पहुँचा दिया, जहाँ उन्होंने अनंत श्रृंखलाओं, π और विभाजनों पर ऐसे चौंका देने वाले परिणाम छोड़े, जिन पर आज भी अध्ययन होता है। बत्तीस वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, फिर भी उनकी नोटबुक्स एक सदी बाद भी नई खोजों की समृद्ध खान बनी हुई हैं।
मुख्य योगदान
- अनंत श्रृंखलाओं और π से जुड़े चौंका देने वाले सूत्र
- पूर्णांक विभाजन (integer partitions) का सिद्धांत
- हार्डी के साथ मिलकर तैयार की गई विशाल नोटबुक्स