सशर्त प्रायिकता
“सशर्त प्रायिकता 'दुनिया को A तक सिकोड़कर' B को फिर से मापती है।”
सूत्र
P(B|A) = P(A∩B) / P(A)कैसे पढ़ें: A के घटित होने पर B की प्रायिकता, A और B दोनों के एक साथ होने की प्रायिकता को A की प्रायिकता से भाग देने पर मिलती है
- P(B|A)
- — A के घटित हो चुकने पर B की प्रायिकता
- P(A∩B)
- — A और B दोनों के एक साथ घटित होने की प्रायिकता
- P(A)
- — शर्त वाली घटना A की प्रायिकता
शुरुआत
'बारिश की संभावना' और 'बादल छाए होने पर बारिश की संभावना' अलग-अलग हैं — एक नई जानकारी पूरी प्रायिकता को बदल सकती है।
सरल शब्दों में
मान लें घटना A पहले ही घटित हो चुकी है, तो उस शर्त के अंतर्गत B के घटित होने की प्रायिकता ही सशर्त प्रायिकता है। आप पूरी दुनिया को सिकोड़कर A तक ले आते हैं, फिर उसमें B को तौलते हैं।
अंतर्ज्ञान
जैसे ही कोई शर्त आती है, 'सभी संभावित स्थितियों का समूह' बदल जाता है। पूरे sample space की जगह सिर्फ 'वह दुनिया जहाँ A हो चुका है' रखें, और उसी के भीतर B का हिस्सा नए सिरे से मापें। इसीलिए A∩B को A से भाग दिया जाता है — भाजक (denominator) पूरी दुनिया से सिकुड़कर A तक रह जाता है।
कैसे बनता है
ऊपर वह हिस्सा है जहाँ A और B दोनों घटित होते हैं, P(A∩B); नीचे नई सिकुड़ी हुई दुनिया है, P(A)। इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर P(A∩B)=P(A)·P(B|A) मिलता है, जो क्रमिक घटनाओं को जोड़ने वाला 'गुणन नियम' है।
उदाहरण
एक पासा फेंकें, A=सम संख्या (2,4,6), B=कम से कम 4 (4,5,6)। दिया गया है कि संख्या सम है, तो उसके ≥4 होने की संभावना क्या है? 3 सम संख्याओं में से {4,6} ≥4 हैं → 2/3। सूत्र से भी: (2/6)/(3/6)=2/3।
आम ग़लतफ़हमी
P(B|A) और P(A|B) एक जैसे नहीं होते। 'बीमारी होने पर टेस्ट पॉज़िटिव आने की प्रायिकता' को 'टेस्ट पॉज़िटिव आने पर बीमारी होने की प्रायिकता' समझ लेना चिकित्सा और अदालतों में गंभीर गलतियों का कारण बनता है।
कहाँ उपयोग होता है
चिकित्सा निदान (टेस्ट पॉज़िटिव आने पर बीमारी की प्रायिकता), spam filters, recommendation algorithms, मुकदमों में सबूतों को तौलना — जहाँ भी 'नई जानकारी से अपने अनुमान को अद्यतन करना' हो।
कहाँ से आया
सशर्त प्रायिकता को उलटकर कारण का अनुमान लगाने के इसी विचार ने 18वीं सदी में रेवरेंड बेज़ (Bayes) के प्रमेय को जन्म दिया, जो आज AI अनुमान की रीढ़ है।
पूर्वापेक्षाएँ
त्वरित जाँच
यदि P(A)=0.5 और P(A∩B)=0.2 है, तो P(B|A) क्या है?
- 0.2
- 0.4✓
- 0.5
- 0.7
अभ्यास
यदि P(A)=0.4 और P(A∩B)=0.1 है, तो P(B|A) ज्ञात करें।
उत्तर: 0.25
- P(B|A) = P(A∩B)/P(A) = 0.1/0.4
- = 0.25
मुख्य बात: संयुक्त प्रायिकता को शर्त की प्रायिकता से भाग दें।
दिया गया है कि पासे पर सम संख्या आई है, तो संख्या के कम से कम 4 होने की प्रायिकता ज्ञात करें।
उत्तर: 0.667
- सम संख्याएँ {2,4,6} हैं, यानी तीन
- इनमें से ≥4 वाली {4,6} हैं, यानी दो
- 2/3 ≈ 0.667
मुख्य बात: शर्त sample space को सम संख्याओं तक सिकोड़ देती है।
यदि P(A)=0.6 और P(A∩B)=0.3 है, तो P(B|A) ज्ञात करें।
उत्तर: 0.5
- 0.3 / 0.6
- = 0.5
मुख्य बात: भाजक नई सिकुड़ी हुई दुनिया है।
सशर्त प्रायिकता में भाजक P(A) क्यों होता है, एक पंक्ति में समझाएँ।
उत्तर: undefined
- A का घटित होना पता चलते ही पूरी दुनिया सिकुड़कर A तक रह जाती है
- अब B का हिस्सा 'A के भीतर' मापा जाना चाहिए
- इसलिए हम P(A) से भाग देते हैं
मुख्य बात: शर्त एक ऐसा लेंस है जो A को नई पूरी दुनिया बना देता है।