विश्लेषण और कलनज्यामिति
बर्नहार्ड रीमान
1826 – 1866 · जर्मनी
क्षेत्रफल को 'पतले आयतों के योग' के रूप में परिभाषित करने वाले
बर्नहार्ड रीमान एक जर्मन गणितज्ञ थे, जिन्होंने अपने छोटे-से जीवन में गणित की कई शाखाओं को जड़ से नया रूप दिया। उन्होंने किसी वक्र के नीचे के क्षेत्रफल को पतले आयतों के योग की सीमा के रूप में कठोरता से परिभाषित किया (रीमान समाकल), जिससे समाकलन को एक ठोस आधार मिला। उनका छोड़ा हुआ 'रीमान अवधारणा' आज भी गणित की सबसे बड़ी अनसुलझी समस्या बना हुआ है।
मुख्य योगदान
- रीमान समाकल के ज़रिए समाकलन को कठोर परिभाषा दी
- वक्र स्थान की ज्यामिति (रीमानीय ज्यामिति)
- रीमान अवधारणा